कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने युद्ध नशे विरूद्ध अभियान के तहत बरनाला जिले से फीडबैक लिया
बरनाला में सिविल और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक और नशे के मुद्दों पर अपडेट ली, अधिकारियों को नशे परति सख्ति करने के आदेश
नशा तस्करों को नशा कारोबार या पंजाब छोड़ने की चेतावनी
नशे के दलदल में फंसे लोगों को मुख्यधारा में लाने के लिए व्यापक प्रयास जारी रखने का दावा
वहीं, कैबिनेट मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग बरनाला द्वारा अभियान के तहत 391 फर्मों की जांच की गई; 36 के खिलाफ कार्रवाई, 3 फर्म सील, 2 के लाइसेंस रद्द
इस अवसर पर बोलते हुए कैबिनेट मंत्री तरनदीप सिंह सौंद ने कहा कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कनवीनर अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरकार बनने पर राज्य से नशे को खत्म करने का वादा किया था, जिसके लिए पंजाब की आप सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि 2007 से 2017 तक दस साल तक पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और भाजपा की सरकार रही। इस सरकार के शासनकाल में पहली बार सिंथेटिक ड्रग्स पंजाब में आया, जबकि इससे पहले सिंथेटिक ड्रग्स के बारे में कोई कुछ नहीं जानता था। इस सरकार के शासन के दौरान नशे की बाढ़ सी आ गई और चिट्टा नामक यह नशा पंजाब में आ गया। इसके बाद 2017 में कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस सरकार सत्ता में आई। उन्होंने आखिरकार श्री दमदमा साहिब की ओर पवित्र गुटका साहिब को हाथ में पकड़कर चार महीने में नशे को खत्म करने की बात कही थी। उन्हें चार सप्ताह तक चिट्टा का खत्म तो क्या करना था, लेकिन वे शीश महल से बाहर नहीं निकले। जबकि 2022 में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी और सरकार नशे को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार ने नशीले पदार्थों के खिलाफ युद्ध अभियान शुरू किया है। जिसके तहत आज बरनाला जिले में सभी अधिकारियों से नशे संबंधी फीडबैक लिया गया है। उन्होंने कहा कि आज डीसी व एसएसपी के अलावा हर विभाग के अधिकारी इस बैठक में शामिल हुए हैं, जिन्हें नशे के खात्मे के लिए सरकार की मुहिम में हर स्तर पर शामिल होने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि बरनाला जिले में पुलिस और सिवल प्रशासन बहुत अच्छा काम कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 391 मैडीकल फर्मों की जांच की हैं। जिले में कुल 600 फर्म हैं, जिनमें से लगभग 400 का निरीक्षण किया जा चुका है। इनमें से 26 फर्मों में अनियमितताएं पाई गई हैं और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की गई है। इनमें से तीन फर्मों को सील कर दिया गया है, जबकि 1 करोड़ रुपये की ड्रग मनी जब्त की गई है। उन्होंने कहा कि दो ऐसी कंपनियां हैं जिन्होंने अवैध बिक्री की और उनके लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। 11 फर्मों को नोटिस जारी किये गये हैं। उन्होंने कहा कि जिले में नशा मुक्ति केंद्र और पुनर्वास केंद्र है। जिसमें नशे की लत से ग्रस्त युवाओं का इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब से नशे को हर रूप में खत्म किया जाएगा, जिसके लिए पंजाब सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।